नियोजित शिक्षकों के मूल वेतन में 15 फीसदी बढ़ोतरी के लिए शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, वेतन निर्धारण में विभाग ने लगाया कई तरह के पेंच , 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट पर विभाग ने लगाया ग्रहण , शिक्षा विभाग ने वेतन निर्धारण आदेश में किया किया पेंच लगाया है जानने के लिए पूरी खबर को अंत तक पढें - NewstvBihar नियोजित शिक्षकों के मूल वेतन में 15 फीसदी बढ़ोतरी के लिए शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, वेतन निर्धारण में विभाग ने लगाया कई तरह के पेंच , 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट पर विभाग ने लगाया ग्रहण , शिक्षा विभाग ने वेतन निर्धारण आदेश में किया किया पेंच लगाया है जानने के लिए पूरी खबर को अंत तक पढें - NewstvBihar

नियोजित शिक्षकों के मूल वेतन में 15 फीसदी बढ़ोतरी के लिए शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, वेतन निर्धारण में विभाग ने लगाया कई तरह के पेंच , 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट पर विभाग ने लगाया ग्रहण , शिक्षा विभाग ने वेतन निर्धारण आदेश में किया किया पेंच लगाया है जानने के लिए पूरी खबर को अंत तक पढें

नियोजित शिक्षकों के मूल वेतन में 15 फीसदी बढ़ोतरी के लिए शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, वेतन निर्धारण में विभाग ने लगाया कई तरह के पेंच , 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट पर विभाग ने लगाया ग्रहण , शिक्षा विभाग ने वेतन निर्धारण आदेश में किया किया पेंच लगाया है जानने के लिए पूरी खबर को अंत तक पढें

बिहार पटना: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने आखिरकार नियोजित शिक्षकों के मूल वेतन में 15 फीसदी बढ़ोतरी के लिए पत्र जारी कर दिशा निर्देश दे दिया है ।

लगभग 8 माह के इंतजार के बावजूद भी नियोजित शिक्षकों के अनुरूप 15 फीसदी वेतन में बढ़ोतरी का आदेश शिक्षा विभाग ने जारी नही किया । शिक्षा विभाग द्वारा नियोजित शिक्षकों के वेतन निर्धारण में कई तरह की पेंच लगा दी है जो इस प्रकार है :-

1:–बिहार के लगभग 75 फीसदी शिक्षकों का वार्षिक इंक्रीमेंट जुलाई में होता है जबकि शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है कि जुलाई में किसी भी शिक्षकों को 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट ला लाभ देय नही होगा जिससे नियोजित शिक्षकों को लगभग 1500 रुपिया प्रतिमाह का नुकसान होगा । विभाग इंक्रीमेंट का लाभ जनवरी 2022 से देने की बात अपने आदेश में की है ।

2:– 2015 में हुए नियोजित शिक्षकों के वेतन निर्धारण में जो इंडेक्स था वह अबकी बार उससे नीचे का इंडेक्स पकड़ा रहा है जिससे कि शिक्षकों को लगभग 1200 रुपिया का और भी नोकसान होगा ।

        शिक्षा विभाग ने अपने इस आदेश में कहा है कि इस वेतन निर्धारण में यदि कुछ गलती हुई हैं तो सभी शिक्षकों के प्रतिनिधि लिखित रूप से विभाग को उपलब्ध कराए विभाग इसे वित्त विभाग से सही कराएगी ।

    शिक्षकों के विभिन्न संघो के राज्य स्तरीय नेताओ की जिम्मेवारी अब है कि वो ससमय वेतन निर्धारण में के आदेश पत्र में हुई चूक से शिक्षा विभाग को अवगत कराएं ताकि ससमय समस्या का समाधान हो सके ।

शिक्षा विभाग ने इसके लिए एक कलकुलेटर का भी निर्माण कर चुकी हैं जिसका ट्रायल अभी चल रहा है बहुत जल्द उसे लॉच किया जा सकता है ।

बिहार नियोजित शिक्षको को 15 फीसदी वृद्धि के साथ मिलेगा वेतन ।

लंबे समय से वेतन वृद्धि की प्रतीक्षा कर रहे बिहार के साढ़े तीन लाख शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। शिक्षकों को 15 प्रतिशत वृद्धि के साथ जल्द वेतन मिलेगा। इसमें प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के पंचायतीराज एवं नगर निकायों के शिक्षक और पुस्तकालयाध्यक्ष शामिल हैं। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार के फैसले के बाद शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने शिक्षकों के मूल वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि का लाभ एक अप्रैल, 2021 से देने की सहमति दे दी है। इसके लिए सरकार को सालाना 1950 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय वहन करना होगा।

बिहार नियोजित शिक्षको को 15 फीसदी वृद्धि के साथ मिलेगा वेतन

वित्त विभाग की स्वीकृति के बाद शिक्षा विभाग के स्तर से शिक्षकों का वेतन निर्धारण की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। माना जा रहा है कि मूल वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि से शिक्षकों के 25 सौ रुपये से 45 सौ रुपये तक बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इस वेतन वृद्धि का इंतजार शिक्षकों को कोरोना महामारी से पहले से था। शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों को एक अप्रैल, 2021 से मूल वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि का फैसला राज्य मंत्रिमंडल ने 18 अगस्त, 2020 को ही लिया था।

इसके बाद शिक्षा विभाग ने कहा था कि वर्तमान वेतन संरचना में सुधार करने के उद्देश्य से शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों को एक अप्रैल, 2021 को देय मूल वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला लिया गया है। बता दें कि शिक्षा विभाग ने मूल वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि के भुगतान के लिए वेतन निर्धारण का प्रस्ताव के साथ मार्च में ही संचिका वित्त विभाग को भेजी थी।

मौजूद वेतन वेतन से पहले एक जुलाई 2015 को शिक्षकों का वेतन में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। वर्ष 2017 में सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुरूप वेतन में 17 प्रतिशत की वृद्धि और वर्तमान में 15 प्रतिशत की वृद्धि शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों को दी गई है।

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