राज्य में 40506 प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति नियमावली में संसोधन की प्रक्रिया शुरू ,  वेतन , स्ट्रक्चर , अनुभव में छूट , प्रमोशन की प्रक्रिया  सहित कई नियमो में हो रहा है संशोधन 

राज्य में 40506 प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति नियमावली में होगा संसोधन ।  टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को कम से कम 8 वर्ष के अनुभव में मिलेगा छूट का लाभ।

सचिवालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रधान शिक्षक नियुक्ति नियमावली 2020 में हाई कोर्ट पटना के आदेशानुसार बिहार सरकार ने नियमावली में संसोधन के लिए प्रस्ताव को विधि आयोग कोभेजी गई थी । बिधि विभाग से नियमावली में संसोधन की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी हैं । प्रधान शिक्षकों की नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है , लगभग 15 से 20 दिनों के अंदर ये प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी ततपश्चात संसोधित नियमावली को कैबिनेट से पारित कर सर्वजनिक की जाएगी । सूत्रों के अनुसार जनवरी 2023 के अंतिम सप्ताह तक सम्भवतः पूरी हो जाएगी ।

नियमावली में प्रधान शिक्षकों के आवेदन के लिए टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों को 8वर्ष के अनुभव में छूट दी जाएगी । बताया गया कि नया संसोधित नियमावली में प्रधान शिक्षकों के लिए आवेदन के लिए अनुभव की सीमा 8 वर्ष से घटाकर 3 3 वर्ष किया जाएगा । अनुभव 3 वर्ष हो जाने से लगभग टीईटी और उर्दू बंगला टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक प्रधान शिक्षकों के लिए आवेदन भरने के योग्य हो जाएंगे ।

प्रधान शिक्षकों के वेतनमान संरचना में भी सरकार संसोधित कर रही हैं साथ ही प्रधान शिक्षकों को प्रोन्नति देने की भी नियमों को संसोधित नियमावली में जोड़ा जाएगा ।

 

राज्य के प्रारम्भिक विद्यालयों में 40506 प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति नियमावली में संसोधन कर उस पर सलाह एवं सहमति लेने के लिए विधि विभाग को भेजा गया है । इसके चलते बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से प्रधान शिक्षकों की होने वाली नियुक्ति में और विलंब होने की सम्भावना हैं ।

पटना हाई कोर्ट के आदेश के आलोक में शिक्षा विभाग द्वारा प्रधान शिक्षक नियुक्ति नियमावली में संसोधन किया जा रहा है । संसोधित नियमावली के आधार पर उर्दू टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को प्रधान शिक्षक नियुक्ति में कम से कम 8 वर्ष के अनुभव में छूट मिलने की संभावना है ।

इसी आधार पर अन्य टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को भी अनुभव में छूट का लाभ मिलने की सम्भावना है ।
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि विधि विभाग की सलाह पर संसोधित नियमावली को सार्वजनिक किया जाएगा । नियमावली पर शिक्षकों से अप्पत्ति लेने के बाद उसे अंतिम रूप से फाइनल कर लागू किया जाएग ।इसके बाद संसोधित नियमावली को बिहार लोक सेवा आयोग को भेजा जाएगा ताकि उसके आधार पर प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया प्रारम्भ हो सके । संसोधित नियमावली के आधार पर अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए एक माह का समय दिया जाएगा

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