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फरवरी माह से बिना बायोमेट्रिक हाजरी के नही मिलेगा कर्मचारियों को वेतन , निदेशक ने जारी किया आदेश 

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फरवरी माह से बिना बायोमेट्रिक हाजरी के नही मिलेगा कर्मचारियों को वेतन , निदेशक ने जारी किया आदेश 

बिहार बायोमेट्रिक सिस्टम अटैंडेंस सिस्टम प्रणाली को शीघ्र ही लागू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग सख्ती बरतने की तैयारी कर रही है. बायोमेट्रिक सिस्टम से उपस्थिति नहीं बनाने वाले चिकित्सा पदाधिकारी और स्वास्थ्य कर्मियों का फरवरी माह से वेतन का वेतन नहीं दिया जायेगा.

इस आदेश से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.

सनद रहे 26 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग के कार्यपालक निदेशक द्वारा कटिहार के सिविल सर्जन को बायोमेट्रिक सिस्टम खरीदकर सभी पदाधिकारी व स्वास्थ्य कर्मियों को उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दिया था. इस समय जिले में प्रभारी सीएस रहने के कारण वित्तीय शक्ति नहीं रहने से उपकरण नहीं खरीदा गया. बाद में वित्तीय शक्ति मिलने के बाद 50 से अधिक बायोमेट्रिक सिस्टम मशीन को खरीदकर स्टोर में रख दिया गया. तीन माह हो गये लेकिन अभी तक सिस्टम को न तो इंस्टॉल किया गया है और न ही कोई चिकित्सा पदाधिकारी व कर्मियों द्वारा उपस्थिति दर्ज उक्त मशीन से किया जा रहा है.

स्वास्थ्य विभाग के सचिव सह कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने जारी पत्र में विभाग के ईडी ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा पिछले वर्ष 26 नवंबर को ही बायोमेट्रिक सिस्टम से उपस्थिति दर्ज करने के लिए उपकरण को स्थापित कर इसे लागू करने का निदेश दिया गया था.

स्वास्थ्य विभाग के सचिव सह कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने जारी पत्र में विभाग के ईडी ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा पिछले वर्ष 26 नवंबर को ही बायोमेट्रिक सिस्टम से उपस्थिति दर्ज करने के लिए उपकरण को स्थापित कर इसे लागू करने का निदेश दिया गया था.

विभागीय कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह से प्राप्त आदेश का पालन करने के लिए जिम्मेदारी कर्मचारी को आदेश दिया गया है. जल्द ही सभी विभागीय कार्यालय, अस्पतालों में बायोमेट्रिक सिस्टम को लगाया जायेगा. फरवरी माह से किसी भी हालत में बिना बायोमैट्रिक सिस्टम से उपस्थित दर्ज किये बिना किसी भी पदाधिकारी व कर्मी को वेतन व मानदेय का भुगतान नहीं किया जायेगा.

-डॉ. जितेंद्र नाथ सिंह, सिविल सर्जन, कटिहार.

नॉकरी से हटाए गए बिहार के 79 नियोजित शिक्षक, शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है फर्जी शिक्षकों को नॉकरी से हटाने की प्रक्रिया 

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 नॉकरी से हटाए गए बिहार के 79 नियोजित शिक्षक, शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है फर्जी शिक्षकों को नॉकरी से हटाने की प्रक्रिया 

बिहार पटना :-/शिक्षा विभाग ने पश्चिम चंपारण के 79 शिक्षक-शिक्षिकाओं को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया है। नौकरी से हटाए गए सभी 79 टिचर्स अनट्रेंड हैं। ऐसे में पश्चिमी चंपारण में साल 2006 या उससे पहले से विभिन्न स्कूलों में कार्यरत 148 शिक्षक-शिक्षिकाओं में से अब महज 48 की ही नौकरी सुरक्षित है।

पटना हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए शिक्षा विभाग ने यह आदेश जारी किया है।

दरअसल, पटना हाईकोर्ट ने 19 अक्तूबर 2022 को पश्चिमी चंपारण के मात्र 48 शिक्षक-शिक्षिकाओं की ट्रेनिंग पूरी होने की तिथि को योगदान तिथि मानकर सेवा जारी रखने का आदेश दिया था। जिला शिक्षा कार्यालय के डीपीओ योगेश कुमार ने बताया कि उसी न्यायिक आदेश का अनुपालन शनिवार को किया गया है। जानकारी के मुताबिक, डीपीओ कार्यालय की कांसिलिंग में 48 शिक्षकों ने ही 19 अक्तूबर 22 तक ट्रेंड हो जाने का प्रमाण देकर अपनी नौकरी को बचाया है।

वहीं कांसिलिंग में नहीं पहुंचने वाले 19 शिक्षक और शिक्षिकाओं की बर्खास्तगी से पहले प्रमाण पत्र दिखाने का एक मौका दिया जाएगा। डीपीओ ने बताया कि उक्त न्यायिक आदेश के अनुपालन के लिए आयोजित विशेष काउंसेलिंग में नहीं पहुंचे 19 टिचर्स की बर्खास्तगी से पहले अपर मुख्य सचिव के आदेश के आलोक में अपने प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र दिखाने का एक मौका मिलेगा। विभाग के इस आदेश के बाद जिलेभर में खलबली मच गयी है।

1.72 लाख लड़कियों को बिहार सरकार दे रही हैं 50 -50 हजार रुपए , 

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1.72 लाख लड़कियों को बिहार सरकार दे रही हैं 50 -50 हजार रुपए , 

बिहार पटना :-बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों के तहत एक अप्रैल 2021 के बाद स्नातक अथवा स्नातक समकक्ष की डिग्री प्राप्त करने वाली 1.72 लाख लड़कियों के परीक्षा परिणाम बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों ने अपने – अपने वेबसाइट पर अपलोड कर दिये हैं.

यह संख्या अभी और बढ़ेगी. बिहार की मूल निवासी लड़कियों को मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना में अब बतौर प्रोत्साहन राशि 50-50 हजार रुपये दिये जाने हैं. इससे पहले यह राशि 25 हजार रुपये थी.

50 हजार प्रति छात्रा के हिसाब से होगा भुगतान

प्रोत्साहन राशि पाने आवेदन करने के लिए पोर्टल खोला जा चुका है. इसमें अभी तक केवल 20 स्नातक उत्तीर्ण बालिकाओं ने प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन किये हैं. शिक्षा विभाग चाहता है कि जिन स्नातक उत्तीर्ण बालिकाओं के पोर्टल पर विश्वविद्यालयों ने रिजल्ट अपलोड कर दिये हैं, वे सभी लड़कियां जल्दी -से- जल्दी आवेदन करें, ताकि बढ़ी हुई राशि 50 हजार प्रति लड़की के हिसाब से उन्हें भुगतान किया जा सके. शिक्षा विभाग ने इस मामले में जरूरी पहल भी की है. 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि 31 मार्च, 2021 तक स्नातक उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं को दी जानी है.

आवेदन से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ रेखा कुमारी की तरफ से इस संबंध में दिशा निर्देश दिये गए हैं. यह दिशा निर्देश Educationbihar.gov.in पर देखे जा सकते हैं. स्नातक उत्तीर्ण लड़कियां पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती है. इसकी वेबसाइट medhasoft.bih.nic.in है. उच्च शिक्षा में उपनिदेशक दिवेश कुमार चौधरी ने बताया कि पात्र लड़कियों को जल्दी-से- जल्दी आवेदन करना चाहिए. उन्होंने बताया कि आवेदन से लेकर भुगतान तक की समूची प्रक्रिया ऑनलाइन है.

बिहार में अब 38 जिला और 38 नियोजन इकाई के फार्मूले पर होगी सातवे चरण में शिक्षकों की बहाली :- श्री चन्द्रशेखर शिक्षा मंत्री बिहार सरकार

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बिहार में अब 38 जिला और 38 नियोजन इकाई के फार्मूले पर होगी सातवे चरण में शिक्षकों की बहाली :- श्री चन्द्रशेखर शिक्षा मंत्री बिहार सरकार

बिहार पटना :–बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो चंद्रशेखर ने कहा है कि सातवें चरण में शिक्षकों की नियुक्ति का पैटर्न प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों की भांति होगी. शिक्षकों की ये नियुक्तियां विशेष वेतन पर करने पर विचार किया जा रहा है.

शिक्षा मंत्री श्री चन्द्रशेखर जी ने आज एक कार्यक्रम में सातवे चरण के शिक्षकों की बहाली के मुद्दे पर कहा कि हमारी सरकार शिक्षकों के नियुक्ति के लिए नई नियमावली तैयार कर रहे है ।

नई नियमावली लगभग तैयार हो चुकी हैं इसी महीने यानी फरवरी में ही इस नई नियमावली को कैबिनेट में प्रस्तुत कर पारित कर दिया जाएगा उसके बाद इसी नियमावली के आधार पर सातवे चरण की शिक्षकों की बहाली की जाएगी ।

उन्होंने कहा कि अब बिहार में 38 जिला और 38 नियोजन इकाई की नीति अपनाई जाएगी जिससे कि शिक्षकों के स्थानान्तरण में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो ।

उन्होंने कहा STET या TET के कुल अंक का 60 प्रतिशत  जबकि एकेडमिक में प्राप्त हुए अंक का 40 प्रतिशत , दोनो को मिलाकर मेघा अंक तैयार किया जाएगा ।

शिक्षा मंत्री ने कहा सातवे चरण में शिक्षकों के वेतन सम्बन्धी समस्याओं पर भी विचार किया जा रहा है । उनको कुछ अलग वेतन देने पर हमलोग विचार कर रहे हैं ।

न्यूज़ टी वी बिहार के वरिष्ठ संवाददाता एम एच ए साह  से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षक नियोजन को पारदर्शी बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं. सातवें चरण में शिक्षकों की नियुक्ति इसी माह में शुरू हो जायेगी. शिक्षा विभाग पूरी तरह साफ सुथरे सिस्टम से नियुक्ति करायेगा.

कर्मचारियों के लिए खुशखबरी , कर्मचारियों के DA में लगभग 41 फीसदी की हुई बढ़ोतरी

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कर्मचारियों के लिए खुशखबरी , कर्मचारियों के DA में लगभग 41 फीसदी की हुई बढ़ोतरी , 

Employees DA Hike: सरकार ने नए महीने की शुरूआत में कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी दी है। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी की गई है। जिसे लेकर आदेश भी जारी कर दिए गए है।

इसके अलावा 8 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को होगा। वहीं महंगाई भत्ता फरवरी-मार्च अप्रैल 2023 के लिए जारी किया गया है। महंगाई भत्ते में लगभग 3 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है।

32 स्लैब की बढ़ोतरी

Employees DA Hike: 8 लाख से अधिक बैंकों और अन्य कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में वृद्धि की गई है। यह महंगाई भत्ता फरवरी 2023, मार्च 2023 और अप्रैल 2023 के लिए होगा इस बार महंगाई भत्ता बढ़कर 41.16 हो गया है। इंडियन बैंक एसोसिएशन के आदेश के मुताबिक इस बार महंगाई भत्ते में 32 स्लैब की बढ़ोतरी हुई है।

DA स्लैब 588 रिकॉर्ड

Employees DA Hike: बीते साल अक्टूबर 2022 के लिए एआईसीपीआई इंडेक्स 8710.36 फीसद था। जबकि नवंबर 2022 के लिए यह 8710.36 फ़ीसदी रहा। हालांकि दिसंबर 2022 में इसमें वृद्धि देखी गई थी वही यह बढ़कर 8697.22 फीसद पहुंच गया था। इसके साथ ही सीपीआई इंडेक्स 8705 के मुताबिक डीए स्लैब 588 रिकॉर्ड किया गया है। इससे पूर्व के तिमाही के लिए डीए 556 स्लैब रिकॉर्ड किया गया था।

DA बढ़कर हुआ 41.16%

Employees DA Hike: इसके साथ ही 8 लाख से अधिक बैंक कर्मचारियों को फरवरी, मार्च और अप्रैल महीने में महंगाई भत्ते को बढ़ाकर 41.16% किया गया है। इसका लाभ कर्मचारियों को मार्च महीने से मिलेगा। मार्च महीने से उनके खाते में बढ़कर वेतन आएंगे।

एक साल तक चावल और गेहूं गरीबों को मिलेगा मुफ्त , सरकार ने जारी किया आदेश 

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एक साल तक चावल और गेहूं गरीबों को मिलेगा मुफ्त , सरकार ने जारी किया आदेश 

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बुधवार को संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत एक साल के लिए मुफ्त में राशन देने की घोषणा की गयी.

इससे पटना जिले में नौ लाख 53 हजार 366 लोगों को एक साल तक मुफ्त में राशन मिलेगा. योजना के तहत प्रत्येक राशन कार्ड में प्रत्येक यूनिट पर एक किलो गेहूं व चार किलो चावल मुफ्त में मिलेगा. इस के लिए जिले में 53650.83 क्विंटल गेहूं व 214261.13 क्विंटल चावल का आवंटन हो रहा है.

शहरी क्षेत्र में 2.14 लाख राशन कार्ड लाभुक

पटना के शहरी क्षेत्र में दो लाख 14 हजार राशन कार्ड धारी है. तो वहीं ग्रामीण क्षेत्र में सात लाख 39 हजार 366 लाभुक हैं. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत कुल नौ लाख 53 हजार 366 लोगों को एक साल तक मुफ्त में राशन मिलेगा. आधिकारिक सूत्र ने बताया कि अंत्योदय योजना के तहत एक लाख तीन हजार 239 लाभुक हैं. इसमें कुल यूनिट की संख्या चार लाख 82 हजार 139 है.

पूर्वीकता प्राप्त लाभुकों की संख्या आठ लाख 50 हजार 127 है. इसमें कुल यूनिट की संख्या 38 लाख 70 हजार 42 है. अंत्योदय योजना के तहत प्रत्येक कार्ड पर 35 किलो राशन मिलता है. पूर्वीकता प्राप्त लाभुकों को प्रत्येक यूनिट पर पांच किलो राशन मिलता है. अगर किसी राशन कार्ड में चार यूनिट सदस्य हैं तो उन्हें 20 किलो राशन मिलेगा. प्रत्येक यूनिट पर एक किलो गेहूं व चार किलो चावल दिया जाता है.

योजना के तहत लाभुकों को मिल

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लाभुकों को कोरोना के समय से ही राशन उपलब्ध कराया जा रहा है. अब अगले एक साल तक लाभुकों को मुफ्त में राशन मिलेगा. सूत्र ने बताया कि लाभुकों को राशन देने के लिए जिले में 53650.83 क्विंटल गेहूं व 214261.13 क्विंटल चावल का आवंटन होता है.

शिक्षा विभाग ने फर्जी शिक्षकों की दूसरी लिस्ट की जारी , फर्जी शिक्षकों पर FIR दर्ज करने का आदेश जारी 

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शिक्षा विभाग ने फर्जी शिक्षकों की दूसरी लिस्ट की जारी , फर्जी शिक्षकों पर FIR दर्ज करने का आदेश जारी 

बिहार के गोपालगंज जिले में फर्जी तरीके से बहाल हुए शिक्षकों की एक और सूची शिक्षा विभाग ने जारी की है. इसमें 63 शिक्षकों के नाम हैं, जिन्होंने फर्जी तरीके से पंचायत और प्रखंड शिक्षक नियोजन इकाइयों से सेटिंग कर बहाली करा ली थी.

गोपालगंज के डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने इन सभी शिक्षकों पर शिक्षा विभाग को FIR दर्ज कराते हुए कार्रवाई करने का आदेश दिया है. डीएम की सख्ती के बाद शिक्षा विभाग के स्थापना के डीपीओ जमालुद्दीन ने बुधवार को संबंधित नियोजन इकाइयों को प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए रिपोर्ट भेजी है. पांच फरवरी तक सभी नियोजन इकाइयों को संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करानी है.

निर्धारित अवधि तक प्राथमिकी दर्ज

जारी आदेश में डीएम ने कहा है कि निर्धारित अवधि तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कराने वाले नियोजन इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. जिन शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया गया है, उनमें बरौली प्रखंड की खजुरिया नियोजन इकाई की रानी कुमारी, रिंकू कुमारी, मोबल बिरैचा की कुमारी आभा, बैकुंठपुर प्रखंड के खैरा आजम नियोजन इकाई की नीतू कुमारी, बंगरा के नागेंद्र कुमार राम, कतालपुर के उमेश कुमार राम, बंधौली बंधौरा राजीव सुमन, पूजा कुमारी, बैकुंठपुर की कुमारी प्रीति सिंह, अमित कुमार, कुचायकोट प्रखंड के खजुरी नियोजन इकाई के अमित कुमार, कुचायकोट की अलका कुमारी, दुर्ग मटिहनिया के अमित कुमार, कुमारी पूनम, अहियापुर की कुमारी प्रियंका, सेमरा की कुमारी पारू, अहिरौली दुबौली की शांति कुमारी, सोनहुला गोखुल की कुमारी अनामिका का नाम लिस्ट में शामिल है.

इन शिक्षकों पर होगी कार्रवाई

इन शिक्षकों पर होगी कार्रवाई

वहीं कुमारी मनीषा, रामपुर माधो की कुमारी अनिता भारती, सल्लेहपुर की कुमारी ममता सिंह, बनकटा की सालिनी कुमारी, सेमरा की कुमारी दीपमाला, मांझा प्रखंड के बंगरा नियोजन इकाई की अंशु कुमारी, स्नेहा विश्वकर्मा, बथुआ के सुमित कुमार, भैंसहीं की नेहा पांडेय, कुमारी पूजा गुप्ता, कुमारी दीपिका यादव, छवही तक्की की जोहरा सफदर, सबीना खातून, राजीव कुमार, देवेंद्र कुमार गुप्ता, रुखसार, प्रदीप कुमार राय, देवापुर शेख पुर्दिल में प्रियंका कुशवाहा, मधु सरेया की आंचल कुमारी, राकेश राम, रीना कुमारी, सुमन कुमारी, प्रखंड नियोजन इकाई मांझा अशोक कुमार, मांझा पश्चिमी पंचायत नियोजन इकाई की अनिता कुमारी, नेमुइया पंचायत की रवींद्र कुमार, मांझा पूर्वी के अरुण कुमार, सिधवलिया प्रखंड के लोहिजरा पंचायत नियोजन इकाई की सुधा कुमारी, विजयीपुर प्रखंड की मुसहरी पंचायत की कुमारी मनीषा, हथुआ प्रखंड के पचफेड़ा नियोजन इकाई के अनीष कुमार मांझी के नाम शामिल है.

शिक्षकों के बीच हड़कंप

भोरे प्रखंड की सिसई पंचायत के सुनील कुमार यादव, कोरेया पंचायत नियोजन के शिवम सरोज, भोरे की कुमारी जूही सिंह, बगहवा मिश्र के गुंजन यादव, भोरे पंचायत के प्रभात कुमार, मुन्ना कुमार, रकबा की कविता यादव, पंचदेवरी प्रखंड के भगवानपुर नियोजन इकाई के दीपक कुमार यादव, उचकागांव प्रखंड के प्रखंड नियोजन इकाइ के अनूप कुमार चतुर्वेदी, सोनी देवी, पंचायत नियोजन इकाई बलेसरा के प्रमोद कुमार यादव, प्रखंड नियोजन इकाइ फुलवरिया माया रानी, कुमारी आकांक्षा, पंचायत नियोजन गिदहां श्वेता सिंह, अमिना खातून, अब्दुल अहमद सिद्दीकी, पूजा यादव, मजिरवां कला की शबनम नाज, कररिया की कुमारी चांदी शर्मा के नाम शामिल हैं. इन शिक्षकों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की जायेगी. ऐसे में इन शिक्षकों के बीच हड़कंप मचा है.

Union Budget 2023 जाने किया महँगाहुवा और किया हुआ सस्ता , मिडिल क्लास फैमिली के लिए कैसा रहा ये बजट 

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Union Budget 2023 जाने किया महँगाहुवा और किया हुआ सस्ता , मिडिल क्लास फैमिली के लिए कैसा रहा ये बजट 

Union Budget 2023: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वित्त वर्ष 2023-24 का आम बजट संसद में पेश किया। इस बजट में कई बड़े ऐलान किये गए। यह बजट विशेष रूप से किसान, महिला, विद्यार्थी, आदिवासी, सीनियर सिटीजन को लेकर तैयार किया गया।

आम जनता की जेब पर पड़ेगा असर

इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा और इनकम टैक्स जैसे क्षेत्रों को लेकर भी बड़े ऐलान हुए है। वहीं, इनकम टैक्स में मिलने वाली छूट में हुई बढ़ोतरी की वजह से सैलरीड क्लास के लोगों को काफी राहत मिली होगी। जिसकी वजह यह है कि इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा।

जानें क्या हुआ सस्ता तो क्या हुआ महंगा (Kya hua Mehnga or kya hua Sasta)

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट को पढ़ते हुए कई चीजों की जानकारी दी। इसके साथ ही इस बजट में कुछ चीजें महंगी हो गई है, तो कई चीजों के दाम सस्ते हो गए है।

ये हुआ सस् ;ता

  • इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए लिथियम आयन बैटरी के आयात पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। इससे इलेक्ट्रिक कार सस्ती होगी।

  • इलेक्ट्रिकल सामान के दाम में भी कम होंगे।

  • टेलीविजन के ओपन सेल के कलपुर्जों पर सीमा शुल्क घटाकर 2.5 प्रतिशत किया गया है। जिससे टीवी के दामों में भी कटौती होगी।

  • कस्टम ड्यूटी कम होने की वजह से मोबाइल पार्ट्स के रेट में भी कमी आएगी।

  • लैब-निर्मित हीरे के सीड्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट।

  • रबर में भी ड्यूटी कम की गई है।

  • खिलौने सस्ते होंगे।

  • साइकिल के दाम भी कम होंगे।

  • ऑटोमोबाइल सस्ते होंगे।

  • देशी किचन चिमनी सस्ती होगी

 

ये हुआ महंगा

  • चांदी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है। जिससे चांदी-सोना चांदी और हीरा महंगा होगा।

  • सिगरेट की कीमत बढ़ेगी।

  • विदेशी किचन चिमनी महंगी होगी।

  • विदेशी खिलौने महंगे होंगे।

  • कपड़ा

  • तांबा

बजट में दिया गया इस बात का जोर

इस बार के बजट पर गौर करें, तो एक बात बहुत ही अहम देखने को मिलती है। इस बजट में केंद्र सरकार ने खास तौर से इलेक्ट्रिक चीजों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। सरकार ने जिस तरह से लिथियम आयन बैटरी के आयात पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी है। यह दर्शाता है कि सरकार इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को ज्यादा बढ़ावा देना चाहती है।

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत के बीच सरकार की यह सोच न केवल आयात के बोझ को कम करने को लेकर दर्शाती है, बल्कि पर्यावरण की नजरिये से भी काफी बेहतर दिखाई पड़ती है। दूसरी तरफ देसी खिलौने और रसोई चिमनी के दाम में कमी करके विदेशी खिलौने और विदेशी रसोई चिमनी को महंगा करना आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी उत्पादों की तरफ रुख बदलाव होना बताता है।

शोध करने वाले शिक्षकों को मिलेगा 5 लाख रुपये , एक सप्ताह में मांगे जाएंगे आवेदन 

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शोध करने वाले शिक्षकों को मिलेगा 5 लाख रुपये , एक सप्ताह में मांगे जाएंगे आवेदन 

पाटम  विश्वविद्यालय में शोध करने वाले शिक्षकों को पांच लाख रुपये की राशि दी जाएगी। मंगलवार को पीयू के रिसर्च डेवलपमेंट सेल की बैठक में इसका निर्णय लिया गया। अध्यक्षता कुलपति प्रो.

गिरीश कुमार चौधरी ने की। शिक्षकों के शोध प्रस्ताव प्राप्त होने पर इसका मूल्यांकन विशेषज्ञों द्वारा कराया जाएगा। जिसका अंतिम अनुमोदन रिसर्च एडवाइजरी काउंसिल करेगी। प्रत्येक शोध प्रस्ताव पर अधिकतम पांच लाख की राशि विश्वविद्यालय द्वारा दी जाएगी। इसके लिए एक सप्ताह के अंदर आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। साथ ही बैठक में रिसर्च एडवाइजरी काउंसिल में बाहरी विशेषज्ञ के रूप में शामिल करने के लिए प्रोफेसर के नाम पर भी चर्चा हुई। साथ ही पटना विवि जर्नल के प्रकाशन के लिए शोध पत्र आमंत्रित किए जाएंगे।

बैठक में शोध पत्र जमा करने के लिए गाइडलाइन को अंतिम रूप दिया गया। जमा हुए शोधपत्रों की विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा कराई जाएगी और उनके अनुमोदन के बाद ही जर्नल में शोध पत्र प्रकाशित किए जाएंगे। विश्वविद्यालय की ओर से यूजीसी केयर लिस्ट में इस जर्नल को शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके लिए सलाहकार एवं संपादक मंडल को पुनर्गठित किया जा रहा है।

प्रो. परिमल कुमार खान एवं प्रो. बीरेंद्र प्रसाद ने सभी पांच समितियों के समन्यवकों एवं सदस्यों को उनके कार्य के बारे में जानकारी दी। बैठक में रिसर्च एडवाइजरी काउंसिल के सभी सदस्यों सहित विभिन्न समितियों के कुल 30 सदस्य उपस्थित थे। इनमें पटना विवि के प्रति कुलपति प्रो. अजय कुमार सिंह, छात्र संकायाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. बीरेंद्र प्रसाद समेत सभी पांच समितियों के समन्यवक और उनके सदस्यों ने एजेंडा पर चर्चा की।

बजट 2023 में ये 23 बड़ी हुई घोषणा , किसानों , महिलाओं , व कर्मचारियों  को भी मिली राहत , सरकारी कर्मचारियों को घर बनाने के लिए 30 लाख रुपये 7.5 प्रतिशत ब्याज पर देने की घोषणा की 

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बजट 2023 में ये 23 बड़ी हुई घोषणा , किसानों , महिलाओं , व कर्मचारियों  को भी मिली राहत , सरकारी कर्मचारियों को घर बनाने के लिए 30 लाख रुपये 7.5 प्रतिशत ब्याज पर देने की घोषणा की 

मंत्री निर्मला सीतारमण आज बजट पेश करेंगी. उससे पहले हर क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि सरकार उनके बारे में सोचकर फैसला करेगी और उनके लिए ऐलान किए जाएंगे.

किसानों से लेकर नौकरी करने वालों तक को उम्मीद है कि सरकार उन्हें राहत देने के लिए ऐलान करेगी. यहां हम आपको बता रहे हैं कि बजट 2023 से कौन-कौन से 23 उम्मीदें लगाई जा रही हैं.

1- पीएम किसान सम्मान निधि

बजट में सरकार किसानों के लिए पिटारा खोल सकती है. किसानों को 6 नहीं बल्कि 8 हजार रुपए सालाना दिए जा सकते हैं. ये 3 की जगह 4 किश्तों में मुहैया कराए जा सकते हैं. मौजूदा योजना में यह राशि किसानों को हर चार माह के अंतराल में 2-2 हजार की किश्तें दी जाती हैं. अब तक इस योजना में देश के करीब 11 करोड़ से ज्यादा किसान जुड़ चुके हैं और योजना का लाभ उन्हें मिल रहा है.

2- आयकर में बढ़ेगा छूट का दायरा

  • बीते 9 साल में खर्च कई गुना बढ़े पर आयकर में छूट का दायरा वही रहा. इस बजट में सरकार ढाई लाख रुपए तक आयकर छूट की सीमा का दायरा बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर सकती है. मौजूदा समय में 2.5 से पांच लाख तक की आय पर 5 फीसद इनकम टैक्स है.
  • सरकार होम लोन पर इंटरेस्ट रिबेट बढ़ा सकती है. रियल इस्टेट इंडस्ट्री ने सरकार से होम लोन पर इंटरेस्ट रिबेट 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख करने की मांग की है. पिछले सात महीनों में होम लोन पर ब्याज दरें 2 फीसदी तक बढ़ी हैं, जिसके चलते ईएमआई का बोझ बढ़ा है. सरकार होम लोन इंटरेस्ट रिबेट को तीन लाख रुपए तक कर सकती है, जबकि प्रिसिंपल का दायरा 1.5 से बढ़ाकर 2 लाख किया जा सकता है.
  • स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ेगा- सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 में 40,000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन दिया था. इसके बाद इसे बढ़ाकर 50,000 रुपए कर दिया गया. पिछले दो सालों में महंगे ईंधन और दवाई की बढ़ती लागत को देखते हुए स्टैंडर्ड डिडक्शन लिमिट को बढ़ाया जाएगा. इसे बढ़ाकर एक लाख किया जा सकता है.
  • बचत निवेश पर छूट- आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत निवेश पर सरकार छूट का दायरा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 से ढाई लाख रुपए तक कर सकती है. इससे बचत योजनाओं को बल मिलेगा. वित्त वर्ष 2014-15 के बाद से इसकी सीमा में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
  • दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ- एलटीसीजी को बनाया तर्कसंगत जाएगा. मौजूदा समय एक साल से ज्यादा समय तक शेयरों पर 10 प्रतिशत कर लगता है. इस कर को साल 2005 में बंद कर दिया गया था, लेकिन 2018 में फिर बजट में इसे लागू किया गया.

3- केंद्रीय कर्मचारियों को बजट में मिलेगा तोहफा

बजट में केंद्रीय कर्मचारियों के हाउस बिल्डिंग अलाउंस (एचबीए) में एडवांस राशि के दायरे को 25 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपए किया जा सकता है. सरकार अपने कर्मचारियों को एडवांस एचबीए देती है, जिस पर 7.1 प्रतिशत ब्याज लिया जाता है. एचबीए का दायरा बढ़ाने के साथ ब्याज दरों को बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत किया जा सकता है. साथ ही सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के सैलरी रिविजन के नए फार्मूले का ऐलान कर सकती है.

4- डिफेंस बजट में बढ़ोत्तरी

सरकार बजट में खासतौर पर रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए आवंटन बढ़ाएगी. इसमें डिफेंस इक्यूपमेंट के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेक्शन में बजट को 15 फीसद तक बढ़ाया जा सकता है, ताकि आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत रक्षा क्षेत्र के लिए उत्पादन करने वाली कंपनियों को विभिन्न स्तरों पर बढ़ावा दिया जा सके. देश में 5000 से भी ज्यादा रक्षा क्षेत्र के नवोन्मेष पर डीआरडीओ के सौजन्य से काम चल रहा है. नई पीएलआई स्कीम लाकर निजी क्षेत्र को बढ़ावा दिया जाएगा.

5- रोजगार को बढ़ावा देने को उठाया जाएगा बड़ा कदम

रोजगार को बढ़ावा देने के लिए नए व्यवसाय के लिए कर्ज और उसमें छूट से संबंधित नई योजनाओं की घोषणा सरकार बजट में करेगी. साथ ही बीते दो सालों में घोषित की गई पीएलआई स्कीम को जारी रखते हुए विस्तार किया जाएगा. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए योजना को बेहतर किया जाएगा.

6- रेलवे को नए कलेवर में लाने को बढ़ेगा बजट

रेलवे के आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार बजट में आवंटन को 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ा सकती है. रेल मंत्रालय ने वंदे भारत ट्रेन में नए अपडेट, हाईस्पीड ट्रेनों, स्टेशन के मॉर्डेनाइजेशन, विद्युतीकरण, रेल ट्रैक के दोहरीकरण के लिए 1.80 लाख करोड़ रुपये के बजट की सिफारिशें की हैं. इसमें डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और मेट्रो रेल का विस्तार भी शामिल है.

7- स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट बढ़ाएगी सरकार

बजट में सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए सरकार आवंटन में 15 फीसद तक बढ़ा सकती है. साथ ही टियर-2 और टियर-3 शहरों में निजी क्षेत्र को अस्पताल खोलने के लिए समर्थन योजनाओं की घोषणा भी कर सकती है. इसमें नए अस्पताल खोलने पर कर्ज में छूट और मेडिकल इक्यूपमेंट निर्माण के लिए प्रोडेक्शन लिंक इंसेंटिव (पीएलआई) शामिल होंगी. फार्मास्यूटिकल क्षेत्र के लिए नियमों के सरल और जीएसटी मे छूट की सिफारिश की गई है. हेल्थकेयर सर्विसेज पर मौजूदा समय यह 18 प्रतिशत लगता है, जिसे घटाकर 12 प्रतिशत किया जा सकता है.

8- मनरेगा योजना में आवंटन बढ़ाएगी सरकार

सौ दिन की गारंटी रोजगार योजना मनरेगा के लिए सरकार बजट मे आवंटन बढ़ाएगी. पिछले वित्त वर्ष में कोरोना महामारी के दौर में आर्थिक दबाव के चलते योजना में 25.5 प्रतिशत की कटौती की गई थी. इसके पहले बीते वित्त वर्ष में भी 34.5 प्रतिशत की कमी की गई थी. आर्थिक दबाव से उबरी सरकार ने आगामी बजट में इस योजना को बेहतर करेगी और आवंटन को बढ़ाएगी.

9- कृषि कारोबार को मिलेगा टैक्स छूट का तोहफा

कृषि क्षेत्र में आपूर्ति चेन को मजबूत करने के लिए सरकार बजट में इस क्षेत्र से जुड़ी फर्मों को टैक्स से राहत प्रदान करेगी. कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए जीएसटी में छूट देने के साथ तकनीकों के विकास पर काम कर रहे स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए योजना की घोषणा हो सकती है. एग्रोकेमिकल, एग्रीऑटो के साथ सिंचाई, कटाई समेत कृषि क्षेत्र में उपयोग में लाए जाने उपकरणों-मशीनों पर छूट के साथ नई योजनाएं बजट में आएंगी.

10- आयात पर लगाम को कस्टम ड्यूटी बढ़ाई जाएगी

आयात पर लगाम लगाने के लिए सरकार बजट में कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी करेगी. इसमें निजी जेट, हेलीकॉप्टर, महंगे इलेक्ट्रॉनिक आइटम, प्लास्टिक के सामान, आभूषण, अच्छी गुणवत्ता वाले कागज और विटामिन जैसी चीजें है. इस कदम का मकसद आयात को कम करना और इनमें से कुछ उत्पादों के स्थानीय विनिर्माण को प्रमोट करना है, ताकि आत्मनिर्भर भारत योजना को बल मिले.

11- ऑनलाइन गेमिंग में कम जीत वाली राशि पर टैक्स

सरकार ऑनलाइन गेमिंग पर मिलने वाले टैक्स में बदलाव को लेकर बजट में घोषणा करेगी. मौजूदा नियम के मुताबिक 10,000 या उससे अधिक की जीती हुई राशि पर टैक्स लगता है. इस राशि पर लोगों को 30 फीसदी टैक्स देना होता है. लेकिन 9,999 रुपये की जीत पर कोई टैक्स नहीं है. ऐसे में सरकार दस हजार रुपए से कम राशि वाली जीत पर टैक्स लगाएगी.

12- एनबीएफसी सेक्टर को करों में राहत

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए सरकार करों में राहत की घोषणा करेगी. पारंपरिक बैंकों की तुलना में ऋण देने या वितरित करने में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है. इसमें एबीएफसी सेक्टर की बड़ी भूमिका है, जिसे और बेहतर करने के लिए सरकार इस क्षेत्र में लगने वाले टैक्स की दरों को कम करेगी.

13- स्टार्टअप्स को बजट में मिलेगी करों से राहत

आत्मनिर्भर भारत योजना को बढ़ावा देने के लिए बजट में स्टार्टअप्स के लिए विभिन्न स्तरों पर करों से राहत मुहैया कराएगी. इसमें कम टर्नओवर वाले स्टार्टअप्स के उत्पाद पर जीएसटी नहीं लगाने, कम दर पर कर्ज मुहैया कराने और निवेश नियमों में छूट जैसे कदम शामिल होंगे.

14- निर्यात उत्पादक जिलों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर

देश में निर्यात उत्पादक जिलों को प्रमुखता से सड़क, हवाई और रेलमार्ग से जोड़ने की दिशा में बजट में खास प्रावधान किए जाएंगे. वैश्विक मोर्चे पर देशी निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ऐसे शहरों, तहसीलों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग आवंटन करेगी. इस प्रोजेक्ट में करीब 100 जिलों को शामिल किया जाएगा. इसमें यूपी, बिहार, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों के कई जिले शामिल हैं.

15- महिला कारोबारियों से जुड़ी परियोजनाओं को मिलेगी तरजीह

महिला कारोबारियों को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के लिए बजट आवंटन में इजाफा किया जाएगा. देश में स्टैंडअप योजना की शुरुआत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए 10 लाख रुपए से लेकर 1 करोड़ रुपए तक के कर्ज की व्यवस्था कराने के लिए शुरू की गई थी. इस योजना के तहत सरकार ने 30 नवंबर 2022 तक पिछले तीन वर्षों के दौरान ऋण गारंटी निधि के कॉर्पस को बढ़ाने के लिए 200 करोड़ रुपए की राशि जारी की है. इस योजना के तहत अनुसूचित जाति से जुड़े 23808, अनुसूचित जनजाति से जुड़े 7806 और महिलाओं से जुड़े 1,28,406 कर्ज के खाते खोले गए हैं. सरकार का आकलन है कि इससे अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचा है.

16- इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना को रखा जाएगा जारी

व्यवसायिक क्षेत्र को मदद करने वाली योजना इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) को सरकार बजट में एक साल के लिए बढ़ाएगी, जिसके तहत 5 लाख करोड़ रुपए का कर्ज दिया जा सकेगा. मौजूदा समय यह योजना मार्च, 2023 तक है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस योजना के तहत 1.19 करोड़ गारंटी वाले कर्ज दिए गए हैं. वहीं 3.58 लाख करोड़ रुपए के कर्ज की गारंटी ली गई है. सबसे ज्यादा गारंटी वाला कर्ज लेने वाले क्षेत्र कंज्यूमर ड्यूरेबल/एफएमसीजी,खुदरा दुकानों, व्यापारियों, सेवा क्षेत्र, खाद्य प्रसंस्करण और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्र रहे हैं.

17- बजट में गौधन-पशुओं के लिए होगा विशेष ऐलान

बजट में पशुओं से जुड़ी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाली नई योजना की घोषणा हो सकती है. जानवरों से जुड़े विश्वविद्यालय खोलने और गौशाला को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादों में इनके इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाली योजना के लिए 500 करोड़ रुपए का आवंटन किया जा सकता है. देश में बायो सीएनजी, पेंट ,साबुन, जैविक खाद जैसे तमाम उत्पादों में गोबर और गौमूत्र जैसी चीजों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जा रहा है. सरकार इसमें शोध, आवारा पशुओं के उपयोग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के मद्देनजर नई योजना ला रही है.

18- इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल को बढ़ावा

प्रदूषण के मद्देनजर लगातार ईवी क्षेत्र के लिए फेम-1 और फेम-2 योजना की घोषणा कर चुकी केंद्र सरकार बजट में इसके विनिर्माण क्षेत्र के लिए नई योजना ला सकती है. इसमें लागत प्रभावी लिथियम-आयन बैटरी उत्पादन और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ESS) और ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़ी घोषणाएं करेगी. इसमें कैपेक्स सब्सिडी, आयात शुल्क और जीएसटी की दर को कम किया जाना भी शामिल होगा.

19- डिजिटल तकनीक के लिए बजट में विशेष घोषणाएं

बजट में सरकार आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस, मशीन लर्निंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स के डिजिटल उद्योग क्षेत्र को रफ्तार देने के लिए नया रोडमैप पेश करेगी. इसमें नई योजनाओं के साथ एक नोडल एजेंसी की घोषणा भी होगी, क्योंकि मौजूदा समय तमाम सरकारी मंजूरियों इस क्षेत्र के लिए मुसीबत बन रही हैं. अगले 4-5 साल में देश की जीडीपी में यह क्षेत्र अहम भूमिका निभाने वाला है.

20- इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को वित्तीय सहायता-सस्ता कर्ज

केंद्र सरकार बजट-2023 में लार्ज स्केल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग (एलएसईएम) को गति देने के लिए सस्ते कर्ज मुहैया कराने के साथ पीएलआई योजना को जारी रखेगी. सितंबर, 2022 तक एलएसईएम के लिए पीएलआई योजना के तहत 4,784 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ है. इस अवधि में पीएलआई योजना के तहत आने वाली परियोजनाओं में 2,03,952 करोड़ रुपए का उत्पादन हुआ है. इसमें 80,769 करोड़ रुपए के उत्पादों का निर्यात भी शामिल है. साथ ही पीएलआई से फॉक्सकॉन, सैमसंग, पेगाट्रॉन, राइजिंग स्टार व विस्ट्रॉन जैसी वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करने में मदद मिली है.

21- राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे के लिए बढ़ेगा बजट

बजट में सरकार देश में राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के विकास की रफ्तार को जारी रखेगी. राजमार्ग मंत्रालय को बजटीय सहायता के रूप में पिछले साल की तुलना में इस बजट में 20 फीसद ज्यादा आवंटन मिलेगा. पूंजीगत और राजस्व व्यय के लिए इस बार 2.20 लाख करोड़ रुपए या उससे अधिक की सीमा में सकल बजटीय समर्थन की संभावना है. पिछले बजट 1.99 लाख करोड़ रुपए रखे गए थे. यह भी कह सकते हैं कि बजट बढ़ाया जाना मजबूरी है, क्योंकि जमीन की कीमतों में बढ़ोत्तरी के साथ निर्माण की लागत भी बढ़ गई है. मार्च, 2023 तक राजमार्ग मंत्रालय 11,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों को पूरा करने का लक्ष्य पूरा कर सकता है.

22- पीएम आवास योजना में वित्तीय सहायता बढ़ाएगी सरकार

बजट में सरकार पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों के लिए निर्धारित वित्तीय सहायता की राशि में 10 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी की घोषणा कर सकती है. इसकी वजह निर्माण सामग्री की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी है. साथ ही योजना में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में आवास के निर्माण के लिए राज्यों की ओर से की गई मांग को बजट में तरजीह दी जाएगी.

23- हाईड्रोजन ट्रेन का मिल सकता है तोहफा

बजट में केंद्र सरकार हाइड्रोजन ट्रेन का तोहफा दे सकती है. देशभर में 35 ऐसी ट्रेन चलाने का ऐलान किया जाएगा. साथ ही 400 वंदे भारत ट्रेन, 4000 नए ऑटो मोबाइल कैरियर कोच, 58000 वैगन ट्रेनों का तोहफा मिल सकता है. इस बजट में रेलवे के लिए 1.9 लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया जाएगा, जबकि वरिष्ठ नागरिकों को टिकट किराए में छूट मुहैया कराई जा सकती है.

संसद में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे ‘अमृत काल’ में यह पहला बजट बताया है। ऐसे में जानिए बजट 2023 (Budget 2023) की बड़ी बातें।

नौकरीपेशा लोगों को बड़ी सौगात

मोदी सरकार ने अपने बजट 2023 में नौकरीपेशा लोगों को बड़ी सौगात देते हुए नई कर व्यवस्था में 7 लाख तक की आय टैक्स-फ्री कर दी है। ऐसे में अब 7 लाख तक सालाना कमाने वालों को कोई टौक्स नहीं देना होगा। इसके अलावा 3 करोड़ के टर्नओवर वाले माइक्रो उद्योग को भी टैक्स में छूट दी जाएगी। वरिष्ठ नागरिक खाता स्कीम की सीमा 4.5 लाख से 9 लाख की जाएगी।

अब नया टैक्स स्लैब्स होगा ऐसा

व्यक्तिगत आयकर की नई टैक्स दर 0 से 3 लाख रुपए तक शून्य, 3 से 6 लाख रुपये तक 5%, 6 से 9 लाख रुपये 10%, 9 से 12 लाख रुपये 15%, 12 से 15 लाख रुपये तक 20% और 15 लाख से ऊपर 30% रहेगी।

जानें बजट 2023 की बड़ी बातें

सेविंग स्कीम्स

  • महिला सम्मान बचत पत्र योजना शुरू होगी। इस स्कीम के तहत महिलाएं 2 साल तक 2 लाख रुपये का निवेश कर सकेंगी
  • इसमें महिलाओं को 2 लाख की बचत पर 7.5% का ब्याज मिलेगा।
  • वरिष्ठ नागरिक खाता स्कीम की सीमा 4.5 लाख से 9 लाख की जाएगी।

युवा और रोजगार

  • युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय अवसरों के लिए कौशल प्रदान करने के लिए 30 स्किल इंडिया नेशनल सेक्टर खोले जाएंगे।
  • 740 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के लिए अगले 3 वर्षों में 38,000 शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(AI) की पढ़ाई के लिए देश में तीन सेंटर ऑफ एक्सिलेंस खुलेंगे।
  • बच्चों और किशोरों के लिए राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किया जाएगा।
  • 2014 से स्थापित मौजूदा 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ सहस्थान में 157 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।

कृषि और स्टार्टअप

  • कृषि के अलावा अन्य वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी 21 फीसदी से घटाकर 13 प्रतिशत कर दी गई है।
  • वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए पीएम प्रणाम योजना की शुरूआत की जाएगी।
  • गोबरधन स्कीम के तहत 500 नए संयंत्रों की स्थापना की जाएगी।
  • युवा उद्यमियों द्वारा कृषि-स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि त्वरक कोष की स्थापना की जाएगी।
  • पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन पर ध्यान देते हुए कृषि ऋण लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा।
  • ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में 35 हजार करोड़ और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 20,700 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।

रेलवे और पर्यटन

  • 2.40 लाख करोड़ का पूंजीगत प्रावधान रेलवे के लिए किया गया है।
  • 50 अतिरिक्त एयरपोर्ट, हेलिपैड, वाटर एयरोड्रोम का नवीनीकरण किया जाएगा।

बजट की अन्य बड़ी बातें

  • राज्यों को 50 साल का ब्याज मुक्त कर्ज 1 वर्ष के लिए बढ़ाया।
  • पैन कार्ड अब राष्ट्रीय पहचान पत्र के रूप में जाना जाएगा।
  • अंत्योदय योजना के तहत गरीबों के लिए मुफ्त खाद्यान्न की आपूर्ति को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है।

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